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Dec 26, 2025

Master Circular on Investment Guidelines for Government Sector – UPS/NPS/APY Schemes- Central/ State Government (default), Corporate CG, NPS Lite, Atal Pension Yojana and APY Fund Scheme.

 Original Master Circular

MASTER CIRCULAR

PFRDA/Master Circular/2025/05/PF-03

Date: 10th December 2025

To

The CEOs of All Pension Funds & NPS Trust
All other NPS Stake Holders

SUBJECT: Master Circular on Investment Guidelines for Government Sector – UPS/NPS/APY Schemes- Central/ State Government (default), Corporate CG, NPS Lite, Atal Pension Yojana and APY Fund Scheme.

  1. This Master Circular is being issued in exercise of powers of the Authority conferred under sub-clause (b) of sub-section (2) of Section 14 read with Section 23 of the PFRDA Act, 2013 and sub-regulation (1) of Regulation 14 of PFRDA (Pension Fund) Regulations, 2015 as amended from time to time.
  2. This master circular supersedes the earlier circular dated 28.03.2025 and all the circulars/ letters mentioned in the Appendix.
  3. This master circular shall be effective immediately.

Yours sincerely

K MOHAN GANDHI
Digitally signed by
K MOHAN GANDHI
Chief General Manager

Dec 23, 2025

रेल किराया बढ़ा, हर किमी पर 1-2 पैसे ज्यादा लगेंगे

 भारतीय रेलवे ने 26 दिसंबर 2025 से लागू होने वाले ट्रेन टिकट के नए किराये का अधिकारिक ऐलान कर दिया है। इस बदलाव का उद्देश्य यात्रियों के लिए किराया संरचना को अधिक व्यवस्थित करना और बढ़ते परिचालन खर्चों को कवर करना है। इसके साथ ही रेलवे को अतिरिक्त राजस्व मिलने की भी उम्मीद जताई जा रही है। 


🆕 नया किराया ढांचा — क्या बदलाव आया है?

रेलवे ने टिकट किरायों में मामूली संशोधन किया है, जो मुख्य रूप से लंबी दूरी (Long-Distance) की यात्राओं पर लागू होगा:

🟡 215 किमी तक की यात्रा:
215 किमी तक Ordinary Class वाले यात्रियों को किराया वृद्धि नहीं दी गई है। यानी छोटे या मध्यम दूरी के यात्रियों को फिलहाल राहत है। 

🟡 215 किमी से अधिक की यात्रा:

  • Ordinary Class: प्रति किलोमीटर 1 पैसा अतिरिक्त लगता है।

  • Mail/Express Non-AC और AC Classes: प्रति किलोमीटर 2 पैसे अतिरिक्त लगेगा। 

उदाहरण के तौर पर, 500 किमी की यात्रा करते समय किराया लगभग ₹10 अधिक हो सकता है — यह वृद्धि दूरी और कोच पर निर्भर करती है। 


🚉 किन यात्रियों को राहत दी गई है?

Railway ने कुछ श्रेणियों को राहत भी दी है ताकि दैनिक और छोटे दूरी के यात्रियों पर बोझ न पड़े:

✔️ उपनगरीय (Suburban) ट्रेन यात्रियों के लिए कोई किराया वृद्धि नहीं।
✔️ मासिक सीजन टिकट (Monthly Season Ticket) धारकों पर भी कोई बदलाव नहीं। 

यह कदम उन यात्रियों के लिए राहत की बात है जो रोज़-मर्रा की यात्राओं के लिए लोकल या शहरी सेवाओं का उपयोग करते हैं।


🧾 रेलवे को क्या फायदा होगा?

रेल मंत्रालय का मानना है कि इस बदलाव से रेलवे को करीब ₹600 करोड़ तक अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, जिसे नेटवर्क के रख-रखाव, सेवा सुधार, सुरक्षा और परिचालन खर्चों पर खर्च किया जाएगा। 

यह इस वित्तीय वर्ष (2025-26) में दूसरा किराया संशोधन है — पहली बार जुलाई 2025 में भी किराया बढ़ाया गया था। 


📊 सरल सारांश (Quick Summary)

श्रेणीनया किराया प्रभाव
Ordinary Class ≤ 215 km❌ कोई वृद्धि नहीं
Ordinary Class > 215 km➕ 1 पैसा / km
Mail/Express Non-AC➕ 2 पैसे / km
AC Classes (3AC, 2AC, CC आदि)➕ 2 पैसे / km
Suburban / Local❌ कोई वृद्धि नहीं
Monthly Season Ticket❌ कोई वृद्धि नहीं
आंकड़े रेलवे के नई घोषणा के अनुसार 

📌 आपकी यात्रा पर इसका असर

✔️ लंबी दूरी के सफर में थोड़ा ज्यादा खर्च होगा — लेकिन प्रति किलोमीटर के हिसाब से यह वृद्धि अपेक्षाकृत मामूली है।
✔️ छोटी दूरी के यात्रियों को राहत — 215 किमी तक किराया समान रहेगा।
✔️ दैनिक यात्रियों पर असर नहीं — लोकल और मासिक पट्टे पर कोई बदलाव नहीं हुआ है।

ट्रेन के ऑनलाइन टिकट बुकिंग में दलालों का खेल खत्म, रेलवे की आ गई चिट्ठी

 भारतीय रेलवे ने ट्रेन टिकट बुकिंग से जुड़े नियमों में एक अहम बदलाव किया है। यह बदलाव खास तौर पर उन यात्रियों के लिए किया गया है, जिनका IRCTC अकाउंट आधार से प्रमाणित (Aadhaar Authenticated) है। नए नियम का उद्देश्य टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और फर्जी बुकिंग पर रोक लगाना है।

क्या है नया रिजर्वेशन टाइम नियम?

रेलवे के नए फैसले के अनुसार, आधार-प्रमाणित IRCTC यूजर्स को अब रिजर्वेशन प्रक्रिया में समय से जुड़ी नई सुविधा मिलेगी। इससे ऐसे यूजर्स को टिकट बुकिंग में प्राथमिकता और बेहतर अनुभव मिलेगा, जबकि बिना आधार सत्यापन वाले अकाउंट्स पर कुछ सीमाएं लागू रह सकती हैं।

Dec 22, 2025

भारत के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर में ऐतिहासिक बदलाव: पीएम मोदी का विज़न और भारतीय रेलवे का नया भविष्य

गति शक्ति मिशन, आधुनिक ट्रेनें और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से बदलेगा भारत का ट्रांसपोर्ट सिस्टम

भारतीय रेलवे हमेशा से देश की जीवनरेखा रहा है। करोड़ों लोगों की रोज़मर्रा की यात्रा से लेकर उद्योगों की माल ढुलाई तक, रेलवे भारत की आर्थिक और सामाजिक संरचना का अहम हिस्सा है। बीते कुछ वर्षों में भारतीय रेलवे को लेकर सरकार की सोच और रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे को आधुनिक, तेज़, सुरक्षित और भविष्य के अनुरूप बनाने की दिशा में कई बड़े कदम उठाए गए हैं।

भारतीय रेलवे: सिर्फ़ सफ़र नहीं, विकास की धुरी

आज भारतीय रेलवे को केवल एक परिवहन व्यवस्था के रूप में नहीं, बल्कि देश के विकास इंजन के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि रेलवे के माध्यम से:

  • देश के दूरदराज़ इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिले

  • उद्योगों को तेज़ और सस्ता ट्रांसपोर्ट उपलब्ध हो

  • और भारत की लॉजिस्टिक लागत में कमी आए

कम लॉजिस्टिक लागत का सीधा असर देश की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और रोज़गार सृजन पर पड़ता है।

प्रधानमंत्री गति शक्ति मिशन: इंफ्रास्ट्रक्चर की नई रीढ़

रेलवे विकास में प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान की भूमिका बेहद अहम है। इस योजना का मकसद अलग-अलग इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टरों को एक साझा प्लेटफॉर्म पर लाना है।

इसके तहत:

  • रेलवे, सड़क, बंदरगाह और हवाई अड्डों को आपस में जोड़ा जा रहा है

  • मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया जा रहा है

  • परियोजनाओं में देरी और लागत बढ़ने की समस्या को कम किया जा रहा है

रेलवे इस पूरे नेटवर्क की रीढ़ है, क्योंकि यह देश के औद्योगिक क्षेत्रों, बंदरगाहों और ग्रामीण इलाकों को जोड़ता है।

आधुनिक ट्रेनें और बदलता यात्रा अनुभव

भारतीय रेलवे अब तेज़ी से आधुनिक बन रहा है।
वंदे भारत जैसी सेमी-हाई स्पीड ट्रेनों ने यात्रियों के अनुभव को एक नया आयाम दिया है।

इसके साथ ही:

  • स्टेशन पुनर्विकास योजनाएँ

  • आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम

  • ट्रैक अपग्रेडेशन

  • और रेलवे नेटवर्क का तेज़ी से विद्युतीकरण

रेलवे को विश्व-स्तरीय ट्रांसपोर्ट सिस्टम की ओर ले जा रहे हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और रोज़गार के अवसर

रेलवे सेक्टर में हो रहा भारी निवेश केवल ट्रेनों तक सीमित नहीं है।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, लॉजिस्टिक हब और औद्योगिक क्लस्टर के विकास से:

  • माल परिवहन तेज़ हुआ है

  • उद्योगों को बेहतर सपोर्ट मिला है

  • और लाखों लोगों के लिए रोज़गार के नए अवसर पैदा हुए हैं

MSME सेक्टर को भी रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर से बड़ा लाभ मिल रहा है।

पर्यावरण के अनुकूल रेलवे की दिशा में कदम

सरकार रेलवे को एक ग्रीन ट्रांसपोर्ट सिस्टम के रूप में विकसित करने पर भी ज़ोर दे रही है।
पूर्ण विद्युतीकरण, ऊर्जा दक्ष तकनीक और कार्बन उत्सर्जन में कमी जैसे कदम भारत के पर्यावरणीय लक्ष्यों के अनुरूप हैं।

रेलवे का यह बदलाव न केवल आर्थिक रूप से, बल्कि पर्यावरण के लिहाज़ से भी महत्वपूर्ण है।

भारतीय अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव

एक मज़बूत और आधुनिक रेलवे नेटवर्क:

  • व्यापार को गति देता है

  • क्षेत्रीय असमानताओं को कम करता है

  • और ग्रामीण भारत को विकास की मुख्यधारा से जोड़ता है

यही कारण है कि रेलवे को आत्मनिर्भर भारत की बुनियाद माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रेल विज़न भारतीय रेलवे को एक नए युग में ले जा रहा है।
गति शक्ति मिशन, आधुनिक ट्रेनें, बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और ग्रीन ट्रांसपोर्ट की सोच—
ये सभी मिलकर भारत को एक तेज़, सुरक्षित और सशक्त ट्रांसपोर्ट सिस्टम की ओर आगे बढ़ा रहे हैं।

आने वाले वर्षों में भारतीय रेलवे न केवल देश की कनेक्टिविटी को मज़बूत करेगा, बल्कि भारत की आर्थिक ताकत को भी नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाएगा।

Dec 21, 2025

रेलवे ने सख्त किया नियम, जानें पूरा मामला

 हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि Indian Railways ने मोबाइल टिकटों के नियम में बड़ा बदलाव किया है। इसके अनुसार, अब अनारक्षित (जनरल) टिकट को सिर्फ मोबाइल स्क्रीन पर दिखाना ही पर्याप्त नहीं होगा और यात्रियों को टिकट की हार्ड कॉपी (प्रिंट-आउट) साथ रखना जरूरी बताया गया है।

🛤️ नया नियम क्यों लाया गया?

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, कुछ जगहों पर फर्जी टिकटों का मामला सामने आया है — खासकर अब AI तकनीक का इस्तेमाल करके नकली टिकट बनाए जा रहे हैं, जिनमें QR कोड और अन्य जानकारी असली जैसी दिखती है। ऐसे में सिर्फ मोबाइल स्क्रीन दिखाने पर कुछ नकली टिकट पकड़ में नहीं आ पाते हैं। इसीलिए रेलवे ने कहा है कि यात्रियों को अपने पास टिकट की छपी हुई कॉपी भी रखनी चाहिए

Dec 20, 2025

भारतीय रेल में नई कयासबाज़ी: क्या अब मोबाइल UTS/ATVM टिकट बिना प्रिंट से मान्य नहीं?

 कुछ समाचारों में यह दावा किया गया कि भारतीय रेल ने अनारक्षित (unreserved) टिकटों के लिए प्रिंटेड कॉपी को अनिवार्य कर दिया है — यानी मोबाइल पर दिखाया गया टिकट अब मान्य नहीं रहेगा। लेकिन रेल मंत्रालय ने इसे स्पष्ट तौर पर गलत बताया है

🔎 क्या वास्तव में नियम बदला है?

निष्कर्ष यह है कि कोई नया नियम नहीं आया है जो मोबाइल टिकट को मान्य न माने। भारतीय रेलवे ने साफ़ कहा है:

  • यदि आपने अनारक्षित टिकट प्रिंट करवाया है (चाहे ऑनलाइन बुक किया हो या स्टेशन से लिया हो), तो वही प्रिंटेड टिकट आपके पास यात्रा के दौरान होना चाहिए।

  • लेकिन अगर टिकट आपने मोबाइल ऐप पर डिजिटल रूप में बुक किया है और प्रिंट नहीं लिया, तो आप वही मोबाइल स्क्रीन से टिकट दिखा सकते हैं — और यह मान्यता प्राप्त है।

इसका मतलब सरल है: मोबाइल टिकट अब भी वैध है, बशर्ते वह टिकट उसी फोन में दिखायी जाए जिससे आपने बुक किया था।

आधार वेरिफाइड IRCTC यूज़र्स के लिए नई सुविधा: अब टिकट बुकिंग में मिलेगी प्राथमिकता

 भारतीय रेलवे लगातार अपने यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए नई-नई डिजिटल सेवाएं शुरू कर रहा है। इसी कड़ी में IRCTC ने आधार वेरिफाइड यूज़र्स के लिए एक नई और उपयोगी सुविधा शुरू की है, जिससे टिकट बुकिंग का अनुभव पहले से बेहतर हो जाएगा।

क्या है यह नई सुविधा?

अब जो यात्री अपना IRCTC अकाउंट आधार से वेरिफाई करवा चुके हैं, उन्हें टिकट बुकिंग के दौरान पहले मौका (Priority Access) दिया जाएगा। इसका सीधा फायदा यह होगा कि कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी और बुकिंग प्रक्रिया अधिक भरोसेमंद बनेगी।

क्यों जरूरी है आधार वेरिफिकेशन?

रेलवे का मकसद है:

  • फर्जी अकाउंट और दलालों पर रोक लगाना

  • वास्तविक यात्रियों को टिकट का फायदा देना

  • तत्काल (Tatkal) और सामान्य बुकिंग में पारदर्शिता बढ़ाना

आधार वेरिफिकेशन से यह सुनिश्चित होता है कि एक व्यक्ति सीमित और वैध संख्या में ही टिकट बुक कर सके।

Indian Railways के नए ट्रेन नियम 2025: Tatkal, Waiting List, OTP से लेकर सामान सीमा तक सब जानें

भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए टिकटिंग, सीट की पुष्टि, तत्काल (Tatkal) बुकिंग और ट्रेन यात्रा से जुड़े कई नई नियम 2025 में लागू किए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य है टिकट बुकिंग में पारदर्शिता, धोखाधड़ी की रोकथाम, और सुरक्षित तथा व्यवस्थित यात्रा अनुभव प्रदान करना। 

🧾 1. Tatkal टिकट अब बिना OTP नहीं बनेगी

अब Tatkal टिकट बुक करते समय एक One-Time Password (OTP) अनिवार्य होगा।
✔️ जैसा कि रेल मंत्रालय ने कहा है, Tatkal टिकट तभी जारी होगी जब आपके मोबाइल नंबर पर भेजे गए OTP को सफलतापूर्वक सबमिट किया जाएगा। यह नियम बुकिंग चाहे ऑनलाइन हो या काउंटर पर, दोनों पर लागू है। 

📌 क्यों लागू किया गया?
इस कदम का उद्देश्य है दलालों और बॉट्स के गलत इस्तेमाल को रोकना और सुनिश्चित करना कि टिकट सीधे यात्रियों को मिले। 

📍 शुरुआती चरण में यह बदलाव कुछ प्रमुख ट्रेनों में शुरू हुआ है, और बाद में नेटवर्क भर में लागू किया जा रहा है। 

Dec 19, 2025

भारतीय रेलवे ने टिकट बुकिंग नियमों में बड़े बदलाव लागू किए — Tatkal से लेकर वेटिंग टिकट और सामान सीमा तक सब कुछ बदल रहा है

 भारतीय रेलवे ने यात्रियों के टिकट बुकिंग अनुभव को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कई नए नियम लागू करना शुरू कर दिया है। इन बदलावों का असर Tatkal आरक्षण, Waiting List टिकट की पुष्टि, IRCTC OTP सत्यापन और सामान ले जाने की सीमा सहित कई महत्वपूर्ण हिस्सों पर पड़ेगा। 

रेल मंत्रालय के अनुसार, अब Tatkal टिकट बुक करते समय यात्रियों को मोबाइल पर भेजे जाने वाले OTP (One-Time Password) के ज़रिए अपनी जानकारी सत्यापित करनी होगी। यह कदम टिकटिंग प्रणाली में पारदर्शिता लाने तथा बॉट और दलालों द्वारा टिकटों के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है। 

साथ ही IRCTC स्टेशन काउंटरों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म दोनों पर यह प्रक्रिया लागू की जा रही है। केवल उसी यात्री के खाते के माध्यम से टिकट बुक किया जा सकेगा जो OTP सफलतापूर्वक सत्यापित कर सके। इससे पहले यह कदम एक सीमित ट्रेन नेटवर्क पर परीक्षण के रूप में लागू किया गया था, लेकिन अब इसे व्यापक स्तर पर लागू करने की योजना है। 

भारतीय रेलवे ने ई-टिकट बुकिंग के नियम में बड़ा बदलाव किया — आधार सत्यापन अब अनिवार्य

 भारतीय रेलवे ने अग्रिम आरक्षण अवधि के ओपनिंग डे पर ई-टिकट बुकिंग के लिए आधार सत्यापन अनिवार्य कर दिया है। यह नई व्यवस्था यात्रियों को धीरे-धीरे लागू की जाएगी, ताकि वे नई प्रक्रिया के अनुरूप ढल सकें। 

राजधानी धनबाद से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, पहले चरण में यह नियम 29 दिसंबर से लागू होगा। इस चरण के दौरान यात्रियों को सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक आधार सत्यापन कराने के बाद ही ई-टिकट बुक करने का मौका मिलेगा। इसका मतलब है कि शुरुआत के चार घंटों में केवल सत्यापित खातों वाले यात्री टिकट खरीद सकेंगे। 

दूसरे चरण की शुरुआत 5 जनवरी से होगी, जब टिकट-बुकिंग की समय सीमा सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक बढ़ाई जाएगी। तीसरे और अंतिम चरण में 12 जनवरी से, यह नियम पूरे दिन — यानी सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक — लागू रहेगा। इन सभी समयों में टिकट केवल तभी बुक की जा सकेगी जब यात्रियों ने अपना आधार संख्या सत्यापित कर ली हो।

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